aṣṭādhyāyī
पाणिनीविरचिता
20141007
1.2.37 न सुब्रह्मण्यायां स्वरितस्य तूदात्तः
One of the निगद in शतपथ ब्राह्मण is सुब्रह्मण्या. उदात्त is applied for the निगद (not for the word सुब्रह्मण्या itself ).
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